स्मृति विशेष: रावण का रोल अदा करने वाले ऐसे व्यक्ति, जिनकी एंट्री के बाद मंच के कलाकार भी सहम जाते थे
श्री भोजराज प्रजापत, मेरे नानाजी ये नाम नई पीढ़ी ने नहीं सुना होगा लेकिन जो व्यक्ति 40 की उम्र पार कर चुके हैं, वे इस नाम और चेहरे को भलीभांति पहचान जाएंगे। टाउन नगरपरिषद रामलीला मंच में 63 वर्षों से चली रामलीला में मेरे नाना ने लंबे समय तक रावण का रोल किया। 10 वर्ष पहले वे इस दुनिया को अलविदा कह गए थे। आज उनकी बात इसलिए करना चाहूंगा क्योंकि आज दशहरे का दिन है और इस दिन मुझे उनकी याद सबसे अधिक आती है। इस दुनिया से तो वे काफी पहले चले गए थे लेकिन, लोग मेरे नाना जी को रावण के रोल के लिए आज भी याद करते हैं। उस दौर के लोगों संग बैठना हुआ तो अचानक उनकी चर्चा चल पड़ी। उन्होंने बताया कि भोजराज जब रावण का रोल करते थे तब उनके अंदर असली रावण की आत्मा आ जाती थी। वेशभूषा, भावभंगिमा और भारीभरकम आवाज उनको रावण का किरदार निभाने के लिए खूब प्रेरित भी करती थी। जब रामलीला मंच पर उनकी एंट्री होती थी तब दर्शकों के साथ साथ उनके साथी कलाकार तक सहम जाते थे। जो कलाकार सीता, राम, लक्ष्मण सहित अन्य रोल निभाते थे वे इस कदर डर जाते थे कि रामलीला के डायरेक्टर को आकर उनको यह समझाना पड़ता था कि फ़िक्र मत करो भोजराज जी स...