संदेश

अप्रैल, 2024 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

युवाओं को सुलाना होगा!

चित्र
  युवाओं को सुलाना होगा   चुनावी सीजन है और हर तरफ नेताओं की रैलियां चल रही हैं। एक दिन खबर मिली कि एक बहुत बड़े नेता अपनी जनसभा करने जा रहे हैं। वैसे तो मुझे नेताओं की सभा में जाना कभी भी आकर्षक नहीं लगता , लेकिन इस नेता की सोशल मीडिया पर इतनी जबरदस्त फैन फॉलोइंग थी कि मैं सोचने लगा , शायद कुछ नया सुनने को मिले। करोड़ों लोग उसके फॉलोअर हैं , तो ये सभा कुछ अलग ही होनी चाहिए। इस सोच के साथ मैं सभा में पहुंच गया। हालांकि, नेता अपने समय से करीब एक घंटे की देरी से आए। आते ही उन्होंने मुख्य मुद्दों जैसे महंगाई , बेरोजगारी , भ्रष्टाचार, शिक्षा की कमी, स्वास्थ्य सेवा, प्रदूषण के बढ़ते स्तर और क्राइम की बात छोड़कर पाकिस्तान में गरीबी , रूस-यूक्रेन युद्ध , महिलाओं के पहनावे, बॉलीवुड की सारी कथा सुना दी । आधे घंटे तक चली इस सभा में केवल एक ही बात ने मेरा ध्यान खींचा , और वह थी उनका एक बयान: “राष्ट्र निर्माण के लिए युवाओं को जगाना होगा! जाग जाओ हे युवा , अब जागने की बारी है , राष्ट्र के निर्माण की करनी हमें तैयारी है।”   सभा खत्म हुई , और मैं घर की ओर रवाना हो गया। लेकिन...